Sunday, 31 July 2016

सर्दी, खांसी, दमा, टीवी का इलाज / Cold, cough, asthma, Tuberculosis (TB) Treatment

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1-सर्दी व जुकाम
o-काली मिर्च का चूर्ण एक ग्राम सुबह खाली पेट पानी के साथ प्रतिदिन लेते रहने से सर्दी जुकाम की शिकायत दूर होती है।
o- दो लौंग कच्ची, दो लौंग भुनी हुई को पीसकर शहद में मिलाकर सुबह खाली पेट एवं रात्रि में खाने के आधा घंटे के बाद लें, कफ वाली खांसी में आराम आ जायेगा।
2- श्वासनाशक कालीहल्दी
कालीहल्दी को पानी में घिसकर एक चम्मच लेप बनायंे। साथ ही एक चम्मच शहद के साथ सुबह खाली पेट दवा नित्य 60 दिन खाने से दमा रोग में आराम हो जाता ह
3- कफ पतला हो तथा सूखी खांसी सही हो
शिवलिंगी, पित्त पापड़ा, जवाखार, पुराना गुड़, यह सभी बराबर भाग लेकर पीसें और जंगली बेर के बराबर गोली बनायें। एक गोली मुख में रखकर उसका दिन में दो तीन बार रस चूसंे। यह कफ को पतला करती है, जिससे कफ बाहर निकल जाता है तथा सूखी खांसी भी सही होती है।
4- दमा रोग
20 ग्राम गौमूत्र अर्क में 20 ग्राम शहद मिलाकर प्रतिदिन सुबह खाली पेट 90 दिन तक पीने से दमा रोग में आराम हो जाता है। इसे लगातार भी लिया जा सकता है, दमा, टी.वी. हृदय रोग एवं समस्त उदर रोगों में भी लाभकारी है।
5- कुकुर खांसी
धीमी आंच में लोहे के तवे पर बेल की पत्तियों को डालकर भूनते-भूनते जला डालें। फिर उन्हें पीसकर ढक्कन बन्द डिब्बे में रख लें और दिन में तीन या चार बार सुबह, दोपहर, शाम और रात सोते समय एक माशा मात्रा में 10 ग्राम शहद के साथ चटायें, कुछ ही दिनों के सेवन से कुकुर खांसी ठीक हो जाती हैै। यह दवा हर प्रकार की खांसी में लाभ करती है।
6- गले का कफ
पान का पत्ता 1 नग, हरड़ छोटी 1 नग, हल्दी आधा ग्राम, अजवायन 1 ग्राम, काला नमक आवश्यकतानुसार, एक गिलास पानी में डालकर पकायें आधा गिलास रहने पर गरम-गरम दिन में दो बार पियें । इससे कफ पतला होकर निकल जायेगा। रात्रि में सरसों के तेल की मालिश गले तथा छाती व पसलियांे में करें।
7- खांसी की दवा-
भूरी मिर्च 5 ग्राम, मुनक्का बीज निकला 20 ग्राम, मिश्री 20 ग्राम, छोटी पीपर 5 ग्राम तथा छोटी इलायची 5 ग्राम, इन सभी को पीसकर चने के बराबर गोली बना लें। सुबह एक गोली मुँह में डाल कर चूसें। इसी तरह दोपहर और शाम को भी चूसें। कफ ढ़ीला होकर निकल जाता है और खांसी सही हो जाती है।
8- गला बैठना
दिन में तीन या चार बार कच्चे सुहागे की चने बराबर मात्रा मुंह में डालकर चूसें। गला निश्चित ही खुल जाता है और मधुर आवाज आने लगती है। गायकों के लिए यह औषधि अति उत्तम है।

भूख बढ़ाने के लिए उपाय / How to increase hunger by improving digestive system / increase the appetite.

🌅 भूख बढ़ाने के लिए 🌅
       कभी - कभी व्यक्ति मोटा हट्ठा-कट्ठा दिखता है , चलता ऐसे है जैसे गजराज चलता हो परन्तु रोटी खाने के नाम पर सिर्फ एक या दो रोटी खाकर शांत हो जाता है । किसी-किसी को दो रोटी खाना भी भारी हो जाता है । रोटी के बाद पेट-फूलना , गैस बनना चलते समय चक्कर आना ।  
        मन्दाग्नि से पीड़ित व्यक्ति एक चलता-फिरता बुत बनकर रह जाता है । आपने देखा होगा परिश्रमी व्यक्ति दुबला-पतला होकर भी आपसे तीन गुना अधिक भोजन कर लेता है , अब आप कहेंगे वह राक्षस है ।
   नहीं उसकी सारी उर्जा नष्ट हो रही है जिसे आप कहते हैं कैलोरी बर्न होना ।
   जब तक व्यक्ति स्वस्थ्य है तब तक उसे तीव्र भूख लगेगी ही आप चाहकर भी नहीं रोक पाएंगे ।
   एक कहावत है
   " ना सौ दवाई ना एक खवाई "
   भूख का ना लगना अर्थात् पाचन शक्ति का कमजोर होना है । वर्षा ऋतु में पाचन शक्ति वहुत कमजोर हो जाती है ।
भोजन के ठीक से न पचने के कारण
शरीर में अनेक विकार पैदा हो जाते
है, इतना ही नहीं अनियमित खानपान से वायु पित्त और कफ़ दूषित हो जाते
है, जिसकी वजह से भूख लगनी बंद हो जाती है , जिसके कारण अजीर्ण,  अपच ,वायु-विकार , तथा पित्त आदि की शिकायतें आने लगती है, भूख लगनी बंद हो जाती है, शरीर टूटने लगता है, स्वाद बिगड जाता है, पेट में भारीपन महसूस होने लगता है । 
ध्यान रखें  पेट खराब होने से दिमाग पर इसका असर होता है और दिमाग ख़राब होने से पूरा का पूरा तंत्र ही खराब हो जाता है । इसके लिये मंन्दाग्नि से हमेशा बचना चाहिये और तकलीफ़ होने पर इन दवाओं का
प्रयोग करना चाहिये।
* भूख नही लगने पर आधा माशा फ़ूला हुआ सुहागा एक कप गुनगुने पानी में दो तीन बार लेने से भूख खुल जाती है।
* काला नमक चाटने से गैस खारिज होती है, और भूख बढती है, यह नमक पेट को भी साफ़ करता है।
* हरड का चूर्ण सौंठ और गुड के साथ अथवा सेंधा नमक के साथ सेवन करने से मंदाग्नि ठीक होती है।
* सेंधा नमक, हींग , अजवायन और त्रिफ़ला का समभाग लेकर कूट पीसकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण के बराबर पुराना गुड लेकर सारे चूर्ण के अन्दर मिला दें,और छोटी छोटी गोलियां बना लें, रोजाना ताजे पानी से एक या दो गोली लेना चालू कर दे, यह गोलियां खाना खाने के बाद ली जाती है, इससे खाना पचेगा भी और भूख भी बढेगी।
* हरड़ को नीम की निबोलियों के साथ लेने से भूख बढती है, और शरीर के चर्म रोगों का भी नाश होता है।
* हरड़ गुड और सौंठ का चूर्ण बनाकर उसे थोडा थोडा मट्ठे के साथ रोजाना लेने से भूख खुल जाती है।
* छाछ के रोजाना लेने से मंदाग्नि खत्म हो जाती है। वर्षा ऋतु में छाछ ना लें ।
* सोंठ का चूर्ण घी में मिलाकर चाटने से और गरम जल खूब पीने से भूख खूब लगती है।
* रोज भोजन करने से पहले छिली हुई अदरक को सेंधा नमक लगाकर खाने से भूख बढती है।
* लाल मिर्च को नीबू के रस में चालीस दिन तक खरल करके दो दो रत्ती की गोलियां बना लें, रोज एक गोली खाने से भूख बढती है।
* गेंहूं के चोकर में सेंधा नमक और अजवायन मिलाकर रोटी बनवायी जाये, इससे भूख बहुत बढती है।
* तिल और गुड खाने से भूख खुलती हैं,इससे खुन की वृद्धि होती है और लिवर की कार्य क्षमताओं की वृद्धि करता है। तिल का तेल अधिक लाभदायक होता है।
* मोठ की दाल मंदाग्नि और बुखार की नाशक है।
* डेढ ग्राम सांभर नमक रोज सुबह फ़ांककर पानी पीलें, मंदाग्नि का नामोनिशान मिट जायेगा।
* पके टमाटर की फ़ांके चूंसते रहने से भूख खुल जाती है।
* दो छुहारों का गूदा निकाल कर तीन सौ ग्राम दूध में पका लें, छुहारों का सत निकलने पर दूध को पीलें, इससे खाना भी पचता है, और भूख भी लगती है।
* जीरा सोंठ अजवायन छोटी पीपल और काली मिर्च समभाग में लें, उसमे थोडी सी हींग मिला लें, फ़िर इन सबको खूब बारीक पीसकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण का एक चम्मच भाग छाछ मे मिलाकर रोजाना पीना चालू करें, दो सप्ताह तक लेने से कैसी भी कब्जियत हो फ़ायदा देगा।
* भोजन के आधा घंटा पूर्व चुकन्दर गाजर , टमाटर , पत्ता गोभी,  पालक तथा अन्य हरी साग सब्जियां व फ़लीदार सब्जियों के मिश्रण का रस पीने से भूख बढती है। वर्षा ऋतु में पत्तेदार साग ना खायें ।
* सेब का सेवन करने से भूख भी बढती है और खून भी साफ़ होता है।
* अजवायन चालीस ग्राम सेंधा नमक दस ग्राम दोनो को कूट पीस कर एक साफ़ बोतल में रखलें, इसमे दो ग्राम चूर्ण रोजाना सवेरे फ़ांककर ऊपर से पानी पीलें, इससे भूख भी बढेगी और वात वाली बीमारियां भी समाप्त होंगी।
* एक पाव सौंफ़ पानी में भिगो दें, फ़िर इस पानी में चौगुनी मिश्री मिलाकर पका लें, इस शर्बत को चाटने से भूख बढती है।
* पकी हुई मीठी इमली के पत्ते सेंधा नमक या काला नमक काली मिर्च और हींग का काढा बनाकर पीने से मंदाग्नि ठीक हो जाती
है।
* जायफ़ल का एक ग्राम चूर्ण शहद के साथ चाटने से जठराग्नि प्रबल होकर मंदाग्नि दूर होती है।
* सौंफ़, सोंठ और मिश्री सभी को समान भाग लेकर ताजे पानी से रोजाना लेना चाहिये इससे पाचन शक्ति प्रबल होती है।
* जवाखार और सोंठ का चूर्ण गरम पानी से लेने से मंदाग्नि दूर होती है।
* लीची को भोजन से पहले लेने से पाचन शक्ति और भूख में बढोत्तरी होती है।
* अनार भी क्षुधा वर्धक होता है, इसका सेवन करने से भूख बढती है।
* नीबू का रस रोजाना पानी में मिलाकर पीने से भूख बढती है।
* आधा गिलास अनन्नास का रस भोजन से पहले पीने से भूख बढती है।
* तरबूज के बीज की गिरी खाने से भूख बढती है।
* इमली की पत्ती की चटनी बनाकर खाने से भूख भी बढती है, और खाना भी हजम होता है।
* सिरका ,सोंठ, काला नमक ,भुना सुहागा और फ़ूला हींग समभाग मे लेकर मिला लें, रोजाना खाने के बाद भूख बढती है।
* सूखा पुदीना, बडी इलायची , सोंठ,  सौंफ़,  गुलाब के फ़ूल,  धनिया सफ़ेद जीरा, अनारदाना, आलूबुखारा और हरड़ समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें, मंदाग्नि अवश्य दूर हो जायेगी।
* एक ग्राम लाल मिर्च को अदरक और नीबू के रस में खरल कर लें, फ़िर इसकी काली मिर्च के बराबर की गोलिया बना लें, यह गोली चूसने से भूख बढती है।
* रिफाईनड नमक और रिफाईनड तेल खाना बिल्कुल बन्द कर दें।
सावधानियां --
(1) ऊपर बताये गए कई उपायों में नमक का उपयोग है ....ऐसे व्यक्ति जो किडनी रक्तचाप और ह्रदय की समस्याओं से पीड़ित हैं .. नमक वाले उपाय न करे !
   यदि इन दवाओं से पूर्व दस्त लगा ले तो और बेहतरीन परिणाम आयेंग।

Increasing digestive power and hunger

Sunday, 17 July 2016

How to start your day

Dear Readers,

There are may people who are suffering from life style related diseases. In some people these started entering even in the age of early 30s and in some people they are severely affecting individuals life.

Here i am writing few simple rules which you can follow. These rules are based on Maharishi Bagbhatta's Research.

1. Start your day with water. Do not spit after waking up. Drink water by sitting only. While drinking water your saliva need to go inside your stomach. It is medicine fro your body. It has basic in nature which is good for your overall health. I will tell you details in later posts or you can see video by Mr. Rajiv Dixit on you tube for more details

2. Do not drink water 45 min before and 90 min after food. you can drink juice, butter milk but not water.

3. Always drink water by sitting.

4. do not drink cold water any time. Cold water is not good for health.

5. After evening food, have a walk of minimum 500 steps.

6. Do not cook food in Aluminium utensils.

There are some more rules. First start following this. you will see a great change in your body after 3 months. Your weight also will reduce and your blood pressure level will also normalise if it is abnormal.