Wednesday, 26 June 2019

प्रोस्टेट ग्रंथि/ prostate gland

🌅 प्रोस्टेट ग्रंथि 🌅

लगभग तीस फीसदी पुरुष 40 वर्ष की उम्र में और पचास फीसदी से भी ज्यादा पुरुष 60 वर्ष की उम्र में प्रोस्टेट की समस्या से परेशान होते हैं !

*प्रोस्टेट ग्लैंड को पुरुषों का दूसरा दिल भी माना जाता है !*

पौरूष ग्रंथि शरीर में यूरीन के बहाव को नियन्त्रित करने व प्रजनन के लिये सीमेन बनाने का कार्य करती है !

उम्र के साथ-साथ यह ग्रंथि बढ़ने लगती हैं  जिसे बीपीएच ( बीनीग्न प्रोस्टेट हाइपरप्लेसिया ) कहते हैं !

प्रोस्टेट ग्लैंड ज्यादा बढ़ जाने पर कई लक्षण सामने आने लगते हैं।

*प्रोस्टेट वृद्धि के लक्षण*

* पेशाब करने में कठिनाई महसूस होना !

* थोडी - थोडी देर में पेशाब की हाजत होना - रात को कई बार पेशाब के लिये उठना !

* पेशाब की धार चालू होने में विलंब होना !

* मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं होता है इससे मूत्राशय में शेष बची पेशाब में रोगाणु पनपने लगते हैं !

*पहले आसान से उपायों के प्रयोग से लाभ उठाये !*

*सीताफल के कच्चे बीज 10 से 30 ग्राम  प्रतिदिन अपने खाने में इस्तेमाल किया जाए तो काफी हद तक यह प्रोस्टेट की समस्या से बचाव करने में मददगार है ! इन बीजों में काफी मात्रा में "प्लांट केमिकल व पोषक तत्व मौजूद होते हैं ! जैसे-  आयरन, जिंक, फॉस्फोरस, टि्रप्टोफैन, कॉपर, मैग्नेशियम, मैग्नीज, विटामिन के, प्रोटीन, फैटी एसिड और फाइटोस्टेरोल जो शरीर में जाकर टेस्टोस्टेरोन को डिहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन में बदलने से बचाता है - जिससे प्रोस्टेट कोशिकाएं नहीं बन पातीं हैं !

   कद्दू के बीज की गिरी निकालकर तवे पर सेंककर, पीसकर 10 से 30 ग्राम की मात्रा में खाये। कद्दू में जिंक होता है, हर दिन 60 मिलीग्राम जिंक का सेवन प्रोस्टेट मरीजों में बेहद फायदा पहुंचाता है।

आपने महसूस किया होगा कि महिलाओं को कद्दू की शब्जी बहुत पसंद है, तथा भारत में अनेक त्योहारों पर इसे बनाने का प्रचलन भी है।

- द्राक्षा, मिश्री 10 -10 ग्राम दही के साथ कारगर है।

*अदरक लाभकारी है प्रोस्टेट और ओवेरियन कैंसर में :-*

जिस प्रकार हम सूखी खांसी, सर्दी, जुकाम,  भूख ना लगना जैसी समस्याओं में अदरक का प्रयोग प्राचीन समय से करते आ रहें हैं उसी प्रकार अदरक का प्रयोग कैंसर चिकित्सा में बेहद उत्साहकारी हैं !

शोध के मुताबिक़ अदरक ओवेरियन कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सफल है ! शोध में देखा गया कि जैसे ही कैंसर कोशिकाओं को अदरक के चूर्ण के संपर्क में लाया गया - कैंसर के सेल्स नष्ट होते चले गए ! वैज्ञानिक भाषा में इसे *"एपोप्टीज यानि कोशिकाओं की आत्महत्या"* कह सकते हैं ! यह भी देखा गया कि अदरक की मौजूदगी में कैंसर के सेल्स एक दुसरे को खाने लगे ! इसे डाक्टरी भाषा में *"ऑटो फिगिज"* कहते हैं !

शोध में यह भी पाया गया कि ''अदरक का सत्व '' बढे हूए प्रोस्टेट ट्युमर की साईज को 56 % तक कम कर देता है ! सबसे अच्छी बात यह कि अदरक की मात्रा ज्यादा भी हो जाए तो इसका दुष्प्रभाव कीमोथेरपी की तरह नहीं होता है !

*- प्रोस्टेट ( पौरुष ग्रंथि - गदूद ) के आसान रामबाण इलाज !-*

* एक सामान्य पीली हरड़ जो ना ज़्यादा बड़ी हो और ना ज़्यादा छोटी हो उसके दो टुकड़े करके गुठली सहित चीनी मिटटी के कप या कांच के गिलास में रात भर 12 से 14 घंटे तक भीगने दे !  फूलने के बाद सुबह इसके बीज निकालकर इसको धीरे धीरे चबा-चबा कर खा ले और ऊपर से वही पानी घूँट घूँट कर पी ले !

यह प्रयोग कम से कम 1 महीने से 2 महीने तक करे !

* 10 ग्राम गोखरू 125 मिली पानी के साथ घोट छानकर - बिना मीठा डाले हरड़ के प्रयोग के 15 मिनट बाद करे ! यह प्रयोग तब तक करे जब तक आपकी बार बार पेशाब आने की समस्या हो !

=> यह दोनों प्रयोग बहुत कड़वे हैं मगर बेहद उपयोगी हैं। इनमें मीठा मत मिलाएं।

** प्रोस्टेट ....

* दिन में 3 - 4 लिटर पानी पीयें लेकिन शाम को 6 बजे के बाद जरुरत के मुताबिक ही पानी, पियें ताकि रात में बार बार पेशाब के लिये ना उठना पडे ! कुछ लोग इसमें वट के डोडे डालकर पीते हैं।

* मिक्सर में अलसी का दरदरा पाउडर बना लें !फिर 20 ग्राम की मात्रा में 1 ग्‍लास पानी में 4 घंटे के लिये घोलकर दिन में दो बार पीयें ! बहुत लाभदायक उपचार है !

* सोयाबीन बीज में फ़ायटोएस्टोजीन्स होते हैं जो शरीर मे टेस्टोस्टरोन का लेविल कम करते हैं ! रोज 30 ग्राम बीज गलाकर खाना प्रोस्टेट में लाभदायक है !

* विटामिन सी का प्रयोग रक्त नलियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिये जरूरी है ! 500 एम जी की 3 गोली प्रतिदिन लेना हितकर माना गया है !

* दो देशी टमाटर प्रतिदिन अथवा हफ़्ते में कम से कम दो बार खाने से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा 50 % तक कम हो जाता है ! इसमें पाये जाने वाले लायकोपिन और एन्टिआक्सीडेंट्स कैंसर को पनपने को रोकता हैं !

*प्रोस्टेट वृद्धि की औषधि*

आक के जड़ की छाल का चूर्ण 50 ग्राम।

वंग भस्म 2.5 ग्राम।

वरूणछाल चूर्ण 100 ग्राम।

ताम्र भस्म 2.5 ग्राम।

काँचनार की छाल का चूर्ण 100 ग्राम।

सबको मिलाकर साफ डिब्बे में डालकर रख लें।

मात्रा:—

2.5 ग्राम दोनों समय शहद (HONEY) से लेवें।

*इसके साथ-साथ एक गोली चंद्रप्रभावटी और एक- एक गोली कचनार गुग्गल दोनों समय उपरोक्त दवा के साथ ही लेवें।*

*पेशाब को बढ़ाने के लिए पुनर्नवा का क्वाथ लें।*

- पानी व पेशाब हमेशा बैठकर ही करें।

Monday, 25 March 2019

खांसी के लिए आर्युवेदिक उपचार
(चाहे किसी भी प्रकार की हो)
1:- हल्दी पाउडर आधा चम्मच मुह के अंतिम हिस्से में डाले और चुप होकर बैठ जायें 10 मिनट तक
ये धीरे धीरे लार के साथ अंदर चली जायेगी
इससे टांसिल भी ठीक हो जाता है पूर्णरूप से
2:- अदरक और पान
दोनों के एक-एक चम्मच रस
को गर्म करने के बाद उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर चाट ले
3:- अदरक के टूकड़े को तवे या आग में भूनकर उसपर हल्दी डालकर
चूसते रहे
(इससे तो भयानक से भयानक खांसी दूर हो जाती है)
4:- अनार के रस को गर्म करके पीने से भी खांसी ठीक हो जाती है
5:- अमरूद को आग में भूनकर खाने से भी खासी ठीक हो जाती है
6:-हल्दी एक चौथाई चम्मच को गर्म दूध में मिलाकर पीये
7:- काली मिर्च को मुह में डालकर चूसते रहे
इससे भी खांसी दूर होती है
अमर बलिदानी श्री राजीव दीछित जी के व्याखानो से
नेत्रपाल सिंह चौहान
09456319233