Saturday, 28 January 2017

घुटने के दर्द का घरेलु उपाय / knee joint pain ayurvedic treatment


बबूल (कीकर) घुटनों के दर्द और रिप्लेसमेंट का उपाय

आज हम आपको इस बबूल (कीकर) का एक ऐसा प्रयोग बताने जा रहें हैं जिससे अगर आपके घुटनों में दर्द है या इसको बदलने की भी नौबत आ चुकी है. तो एक बार घुटनों को बदलवाने की बजाये इस प्रयोग को ज़रूर करें. और अपने रिजल्ट इस ब्लाग से ज़रूर साझा करें.

एक आयु के बाद शरीर के जोड़ों में लुब्रीकेन्टस एवं केल्शियम बनना कम हो जातां है. जिससे कारन जोडो का दर्द, गैप, केल्शियम की कमी, वगैरा प्रोब्लेम्स सामने आती है, जिसके चलते आधुनिक चिकित्सा आपको जोइन्ट रिप्लेस करने की सलाह देते है. तो यह प्रयोग आपको ऐसी नौबत से बचा सकता है.

तो आइये जाने इस प्रयोग को.

बबूल से घुटनों की घरेलु दवा तैयार करने की विधि.
प्रयोग इस प्रकार करनां है *बबूल* के पेड़ पर जो *फली (फल)* आती है उसको तोडकर लेकर आये, अगर आपको ये सिटी मे नही मिल रहे तो किसी भी गांव जाएँ, वहां जितने चाहिये उतने मिल जायेगें, उसको बीज सहित ही सुखाकर पाउडर बना ले. बस दवा तैयार है.

अब आइये जाने इसके सेवन की विधि.
सुबह 1 चम्मच की मात्रा मे गुनगुने पानी से खाने के एक घंटे के बाद, 2-3 महीने लगातार सेवन करने से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल सही हो सकता है. और आपको घुटने बदलने की नौबत नहीं आएगी.

हम हमेशा आपके लिए नयी नयी जानकारी ले कर आते हैं. तांकि आपका स्वास्थ्य बना रहे. और आप दवाओं के नाम पर होने वाले धोखे से बचे रहें. आयुर्वेद जीवन शैली है इसको अपनाएँ.

Friday, 27 January 2017

पेट के कीड़े घरेलु इलाज / stomach worm domestic remedy

*🔰♦पेट के कीड़े♦🔰*
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सामान्य सा जीवन जीने पर अचानक पेट में दर्द होना शुरू हो जाता है। डॉक्टर से मिलने के बाद पता चलता है कि पेट में कीड़े हैं। ये कीड़े ज्यादातर बच्चों के पेट में पाए जाते हैं। पेट में कीडे पड़ना एक आम-सी बात है। इसमें पाचन संबंधी विकार जैसे भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी आना और कमजोरी होने लगती है। जब ये कीड़े लार्वे फेफडे तक पहुंच जाते हैं, तो दमा रोग भी हो सकता है।
🔸पेट में कीड़े के कारण🔸 
बच्चों द्वारा मिट्टी खाने, दूषित भोजन खाने, गंदे कपड़े पहनने, शरीर की उचित सफाई न करने, बाहर का दूषित खाना खाने, मांस-मछली, गुड़, दही, सिरका आदि अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में कीड़े हो जाते हैं।
🔸पेट में कीड़े के लक्षण🔸
🔹इसमें जीभ सफेद और आंखे लाल हो जाती है।
🔹ओंठ सफेद, गालों पर धब्बे और शरीर में सूजन आदि के लक्षण दिखाई देते हैं।
🔹गुदाद्वार तथा उसके आस-पास की त्वचा पर खुजली-सी होती है।
🔹मल में खून आना और उल्टी आने लगता है।
     पेट में तीन प्रकार के कीड़े हो जाते है- इनमें से फीता कृमि और हुक वार्म अधिक पीड़ादायक होते हैं। यदि सही प्रकार से इलाज न किया जाये तो अन्य प्रकार की गंभीर बीमारियां पैदा हो सकती है।
🔸प्राकृतिक और घरेलू उपचार🔸
🔹पेट के कीड़ों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है- स्वच्छता। खाने-पीने से पहले अच्छी तरह से हाथ धोना, ढ़ककर रखें भोजन, सड़क किनारे मिलने वाले कटे फलों से दूर ही रहना चाहिए।
🔹पेट में कीड़े हो तो आधा चम्मच हल्दी लेकर तवे पर सूखी भून लें। फिर इसे रात को सोते समय पानी से लें।
🔹यह पेट के कीड़ों को नष्ट करने वाला उत्तम नुस्खा है छाछ में नमक तथा काली मिर्च का चूर्ण डालकर चार दिन तक पियें।
🔹लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा सेंधा नमक डालकर सुबह-शाम चाटें। आराम मिलेगा।
🔹दही में असली शहद मिलाकर तीन-चार दिन तक सुबह-शाम खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
🔹एक चम्मच करेले का रस लेकर गर्म पानी में मिलाकर पियें।
🔹दो चम्मलच अनार का जूस रोजाना लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
🔹अजवाइन के सत्व की चार-पांच बूंदे पानी में डालकर सेवन करें।
🔹पेट में कीड़े हो तो बच्चों को आधा चम्मच प्याज का रस दो- तीन दिन तक पिलाने से काफी लाभ होता है।
🔸आयुर्वेदिक उपचार🔸
🔹नीम की कोपलों को कुचलकर इसका एक चम्मच रस निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर चाटें। इससे पेट के कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल जायेंगे। यह दवा तीन-चार दिन तक सेवन करें।
🔹नीम को पत्तियों को सुखाकर पीस लें और दो चुटकी चूर्ण शहद के साथ सेवन करें।
🔹करेले के पत्तों का जूस निकाल कर उसे गुनगुने पानी के साथ पिलाएं
🔹यदि आपको यह रोग सता रहा हो तो रोजाना सुबह खाली पेट ही टमाटर को आधा काटकर उस पर थोड़ी-सी हल्दी और सेंधा नमक लगाकर खिलाने से काफी लाभ होता है।
🔹पेट में कीड़े हो तो कद्दू की सब्जी भी उपयोगी रहती है। एक सप्ताह तक खाली पेट ही कद्दू के आठ-दस बीज खायें।

Thursday, 26 January 2017

हिचकी का घरेलु उपाय / Hiccough domestic remedy

हिचकी दूर करने के घरेलू नुस्ख------------------------------
हिचकी आना एक आम बात है। हिचकी की मुख्य वजह है अपच जो अधिक भोजन करने से, चटपटे खाना खाने से और खट्टे पदार्थों का सेवन आदि मुख्य कारण है। जब खाना सही तरह से नहीं पच पाता तब हिचकी आने लगती है।
तेज बुखार और टाइफाइड होने की वजह से भी हिचकी आने लगती है। हिचकी को हल्के में नहीं लेना चाहिए कई बार हिचकी जानलेवा भी हो सकती है। लेकिन अब आपको हिचकी से परेशान होने की जरूरत नहीं है आप केवल इन घरेलू उपायों को करें जो हिचकी में आपकों तुरंत राहत देगी।हिचकी दूर करने के घरेलू उपाय-
1-देशी घी को नाभी पर लगाते रहने से भी हिचकी आना बंद हो जाता है। प्याज को काटकर उसमें नमक लगाकर सेवन करने से हिचकी में राहत मिलती है।
2-हिचकी को बंद करने के लिए आप 2 लौंग का सेवन करें और उसके बाद गरम पानी को पीयें। या फिर 2 लौंग के टुकड़ों को चूसते  रहें। ऐसा करने से हिचकी आना बंद हो जाएगी।
3-सेंधा नमक को देशी घी में मिलाकर सूंघते रहने से हिचकी आना बंद हो जाता है और इससे राहत भी मिलती है।
4-देशी शहद में थोड़ा तुलसी का रस को मिलाकर सेवन करने से हिचकी रूक जाती है।
5-दूध को गरम कर लें उसमें थोड़ा सा
देशी घी डालकर उसका सेवन करें। हिचकी आना रूक जाएगी।
6-हिचकी की परेशनी को दूर करने के लिए 20 ग्राम आंवले के रस में
मिश्री को घोलकर पीने से हिचकी दूर हो जाती है।
7-गन्ने का रस भी हिचकी दूर करने में मदद करता है। नींबू या फिर
पोदीने के पत्तों को सूंघने से भी हिचकी आना बंद हो जाता है।
8-देशी शहद में आधा चम्मच काला नमक मिलाकर खाने से हिचकी दूर होती है।
खाने के सोडे  को 1 गिलास पानी में डालकर पीने से अपच से होने वाली हिचकी दूर हो जाती है।

मस्से का आयुर्वेदिक इलाज / warts ayurvedic treatment

त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिसे मस्सा (Warts) कहते हैं। मस्से काले और भूरे रंग के होते हैं। मस्से 8 से 12 प्रकार के होते हैं।
मस्से को काटने और फो़डने के कारण मस्से का वायरस शरीर के अन्य हिस्सों में भी चला जाता है जिसके कारण मस्से हो जाते हैं। कभी कभी मस्से का वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी की त्वचा पर आकर मस्सा बना देते हैं।

आइए मस्सों से बचने के लिए घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं :
1.मस्से को समाप्त करने के लिए प्याज फायदेमंद होता है। एक प्याज को लेकर उसके रस को दिन में एक बार नियमित रूप से लगाने से मस्से समाप्त हो जाते हैं।
2.आलू का प्रयोग करने से मस्से समाप्त होते हैं। आलू को छीलकर काट लीजिए, उसके कटे हुए हिस्से को मस्सों पर रगडिए, ऎसा करने से कुछ दिनों में मस्से समाप्त हो जाते हैं।
3.लहसुन की कली को छील लीजिए, उसके बाद उसे काटकर मस्सों पर रगडिए, कुछ दिन बाद मस्से सूखकर झड जाएंगे।
4.बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल (castor oil) को रात में मस्सों लगाकर सो जाइए, ऎसा करने से मस्से धीरे-धीरे समाप्त हो जाते हैं।

कुछ उपयोगी बातें:
1.मस्से को कभी भी काटना व जलाना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे रोग गम्भीर हो सकता है।
2.अधिक उम्र में मस्से निकलने पर चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
3.स्किन को धूप से बचाएं और धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन लगाना न भूलें।
4.यदि मस्से अपने आप नरम हो जाएं, उनके आकार में परिवर्तन हो जाए, उनमें खुजली हो या उससे स्त्रव होने लगे तो तुरन्त चिकित्सक से सलाह लेकर उपचार कराएं, क्योंकि यह मीलानोमा या कैंसर भी हो सकता है।