Tuesday, 18 October 2016

आयुर्वेदिक बालतोड़ का इलाज / ayurvedic Treatment of Boils

बालतोड़ का इलाज / Treatment of Boils---

आमतौर पर बालतोड़ हाँथ या पैर के बाल टूटने पर हो जाता है जिससे इंसान को हाँथ या पैर हिलाने में भी तकलीफ होती है। ऐसे में बालतोड़ होने के साथ ही #गेहूं के कुछ दाने को मुंह में ले कर चबाएं और फिर उसे मुंह से निकाल कर बालतोड़ पर लगायें। दिन में अगर आप 3 बार गेंहूँ को चबा कर बालतोड़ पर लगाते है तो आपका बालतोड़ का जख्म नहीं बढेगा है ।

#पीपल के पेड़ का #छाल को उखाड़ लें और फिर उसे घिस कर उसमें थोड़ा थोड़ा पानी मिलकर उसका पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को दिन में २ से ३ बार बालतोड़ पर लगाएं। इसे लगाने से बालतोड़ का जख्म और उसका दर्द दोनों में राहत मिलती है ।

लगभग #20g नीम के पत्ते को ले कर उसमें 20g #काली मिर्च (black pepper) को मिलकर पीस कर उसका पेस्ट तैयार कर लें। अब उस पेस्ट को बालतोड़ के जख्म पर लगा कर उसपर किसी कपड़े से पट्टी बांध लें। आप चाहे तो बालतोड़ पर केवल नीम के पत्ते को भी पीस कर लगा सकते है । इन दोनों उपचार से बालतोड़ जल्दी ठीक हो जाता है ।

एक चम्मच #मैदे को ले कर #घी में थोड़ी देर तक पका कर उसका पेस्ट बना लें और फिर उस पेस्ट को ठंडा कर के सोते समय बालतोड़ के जख्म पर लगा कर किसी कपड़े से बांध लें। एक से दो दिन ऐसा करने से बालतोड़ ठीक हो जायेगा ।

#मेहंदी के पत्ते को पीस कर या फिर मेहंदी के powder को कुछ देर तक फुलाकर  उसके लेप को बालतोड़ के जख्म पर गाढ़ा कर के लगाने से बालतोड़ ठीक हो जाता है ।

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