Saturday, 23 December 2017

बीड़ी तम्बाकू धूम्रपानगुटखा छोड़ने के घरेलु नुस्खे / natural ways to get rid of tobacco and smoking

बीड़ी तम्बाकू धूम्रपान
गुटखा छोड़ने के घरेलु नुस्खे
आज कल धूम्रपान करना एक आम बात हो गयी है । लोगो ने ऐसे अपना लाइफ स्टाइल बना लिया है, और ऐसी गन्दी आदत को छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं, सिर्फ एक दृढ इच्छा शक्ति की ज़रूरत हैं, और वो आपमें हैं। धूम्रपान करने वालों को कईतरह की बीमारियाँ होती हैं, जैसे मुँह का कैंसर, दमा, फेफड़ों में कैंसर और हृदय रोग।
धूम्रपान के नुकसान से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इस लत को छोड़ पाने में सभी बेहदलाचार साबित होते हैं। और हमारे सभ्य समाज में ये कलाकार पैसे के लालच में नयी पीढ़ी को नशों की और धकेल रहे हैं। ऐसे लोगों का समाज से बहिष्कार होना चाहिए। खैर ये टॉपिक बहुत बड़ा हैं, आज हम आपको कुछ ऐसे प्राकृतिक नुस्ख़े बताएंगे जिससे आप धूम्रपान और तम्बाकूका किसी भी तरह का सेवन छोड़ सकते हैं।

उपचार

100 ग्राम अजवायन और 100 ग्राम बड़ी सोंफ लेकर दोनों को खूब साफ कर ले और इसमें 60 ग्राम काला नमक मिलाकर इन तीनो को पीस लें। ततपश्चात इस मिश्रण में दो निम्बू का रस मिलाकर रात भर (चांदनी रात में रखना
अधिक अच्छा है) रखा रहने दें। दूसरे दिन प्रात: इस मिश्रण को तवे पर धीमी आंच पर भून कर साफ़ शीशी में भरकर सुरक्षित रख लें। बस दवा तैयार है।

सेवन विधि
जब भी धूम्रपान या तम्बाकू की इच्छा या तलब उठे तब थोड़ा चूर्ण लेकर मुंह में डालकर चबाएं। ऐसा कुछ दिन लगातार करने से यह बुरी आदत अपने-आप छूट जाएगी। साथ ही अन्य कई लाभ होंगे, जैसे गैस की तकलीफ मिटना, पाचनशक्ति में वृध्दि होना, भूख खुलकर लगना, रक्त सुधरना, सुगंध और स्वाद से चित प्रसन्न रहना आदि। इसके सेवन से पान आदि में जर्दा या तम्बाकू सेवन से बिगड़े हुए दांत और दांत- दर्द में लाभ होगा तथा चालीस दिन तक सेवन से भीतर के तम्बाकू के दाग भी साफ़ हो जाएंगे।
सहायक उपचार
ओषधि के सेवन के साथ हल्का सुपाच्य व भूख से कम भोजन लें तथा प्रात: भर्मण, योगासन व प्राणायाम करें तो शीघ्र लाभ होगा।

हरड़
यदि आप एक छोटी हरड़ ( काली, जंगी, जौ हरड़. जो पंसारी से मिलती है) के छोटे टुकड़े करके रख लें। जब भी इन चीजों की इच्छा या तलब उठे छोटी हरड़ का एक टुकड़ा मुंह में डाल लें और चीरे-धीरे चूसें। इससे कुछ ही दिनों मेंबीड़ी-सिगरेट तम्बाकू की बुरी आदत छूटजाती है।

दालचीनी
दालचीनी को बारीक़ पीसकर शहद में मिलाकर एक डिब्बी या कांच की शीशी में रख लें। जब बीड़ी सिगरेट की तलब लगे एक ऊँगली यह ओषधि चाट लें।

प्याज
कैसा भी नशा हो चाहे शराब, अफीम, गांजा, बीड़ी, सिगरेट कोई भी नशा, नित्य खाली पेट आधा कप (50 gram.) हर रोज़ प्याज का रस पीने से थोड़े दिन पीने से नशे की आदत छोटजाती हैं।

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