Sunday, 18 September 2016

बकरी के दूध के औषधीय उपयोग / goat milk

जानें बकरी के दूध के फायद
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बकरी के दूध में ऐसे गुण विद्यमान हैं के कभी कभी ये हज़ार रुपैये लीटर भी बिकता हैं। और जो काम बड़ी बड़ी दवाये नहीं कर पाती वो बकरी का दूध चुटकी बजाते ही कर देता हैं। बकरी का दूध मन को प्रसन्न रखता है। मुंह में खांसी के साथ आने वाले खून के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। बकरी का दूध फेफडे़ के घावों और गले की पीड़ा को दूर करता है। यह पेट को
शीतलता प्रदान करता है। गर्म स्वभाव वालों के लिए यह अत्यंत लाभकारी होता है।विभिन्न रोगों में सहायक बकरी का दूध-
पीलिया का रोग
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बकरी के दूध के साथ समुद्रफेन घिसकर पीने से पीलिया के रोग में लाभ होता है।
प्रदर रोग
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6 ग्राम मोचरस (सेमर की गोंद) को बकरी के दूध के साथ मिलाकर रोजाना सेवन करने से प्रदर रोग मिट जाता है।
दस्त के आने पर
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250 मिलीलीटर बकरी के दूध में लगभग 8 ग्राम की मात्रा में
तिल मिलाकर मिश्री के साथ पीने से दस्त में आराम मिलता है।
बकरी के दूध को पीने से भी
गर्भवती स्त्री को होने वाले
अतिसार यानी दस्त समाप्त हो जाते हैं।
बच्चो के लिए
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अगर नवजात शिशु को माँ का दूध या गाय का दूध भी नहीं पच रहा हो तो उसको बकरी का दूध पिलाना चाहिए। ये पचने में बहुत ही आसान हैं। और इस से बच्चे की रोग प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती हैं।
नाक के रोग
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बकरी के धारोष्ण (ताजा) दूध के अंदर
मिश्री डालकर पीने से नकसीर (नाक से खून बहना) ठीक हो जाती है।
उपदंश
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10 मिलीलीटर काली बकरी का पेशाब सात दिनों तक पीते रहने से
उपदंश के कारण फटने वाला बदन (शरीर) ठीक हो जाता है।
गर्भवती स्त्री का विषम ज्वर
बकरी के दूध के साथ सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से गर्भवती स्त्री का विषम ज्वर दूर हो जाता है।
हिचकी का रोग
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बकरी के दूध में 1 चम्मच सोंठ का चूर्ण मिलाकर पीने से हिचकी में लाभ होता है।
काली खांसी
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100 से 250 मिलीलीटर काली बकरी का दूध 2 सप्ताह तक रोगी को पिलाने से काली खांसी दूर हो जाती है।
गर्भवती स्त्री का अतिसार
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बकरी के ताजे दूध में नींबू को मिलाकर
गर्भवती स्त्री को पिलाने से
अतिसार बंद हो जाता है।
टी.बी.
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250 मिलीलीटर बकरी का दूध, 10 ग्राम नारियल का बुरादा और 6 ग्राम लहसुन को एक साथ मिलाकर पका लें। एक बार में इतनी ही औषधि सुबह-शाम खाने से टी.बी. का रोग मिट जाता है।
बकरी का दूध, पेशाब, मांस तथा मेंगनी का सेवन करने से टी.बी. रोग में लाभ होता है।
बुखार के लिए
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बकरी और गाय के ताजे दूध को मिलाने पर आने वाले झागों को इकट्ठा करके इसमें मिश्री का चूर्ण मिलाकर मीठा करें इसको पीने से पुराना बुखार में लाभ मिलता है।
डेंगू रोग मे
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डेंगू रोग में जब प्लेटलेट्स एक दम से कम होने लगे तो बकरी का दूध बहुत फायदा करता हैं। प्लेटलेट्स बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में बकरी का दूध बहुत फायदेमंद हैं। और इसी एक गुण की वजह से डेंगू रोग के दिनों में ये दूध शहर में लोग हज़ार रुपैये लीटर तक भी लोग खरीदते हैं।

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