Saturday, 5 November 2016

हम पानी क्यों ना पीयें खाना खाने के बाद / why don't drink water after meal

*हम पानी क्यों ना पीयें खाना खाने के बाद ?*

हमने दाल खाई, हमने सब्जी खाई, हमने रोटी खाई, हमने दही खाया, लस्सी पी, दूध, दही, छाछ, लस्सी, फल आदि.! ये सब कुछ भोजन के रूप में हमने ग्रहण किया | ये सब कुछ हमको उर्जा देता है और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है.!

पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है, जिसको हम हिंदी मे कहते हैं "अमाशय" | उसी स्थान का संस्कृत नाम है "जठर" | ये एक थैली की तरह होता है और यह जठर हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी में आता है। ये बहुत छोटा सा स्थान है | इसमें अधिक से अधिक 350 gms खाना आ सकता है.! हम कुछ भी खाते हैं, सब ये अमाशय में आ जाता है.!

आमाशय में अग्नि प्रदीप्त होती है | उसी को कहते हे "जठराग्न".! ये अग्नि तब तक जलती हे जब तक खाना पचता है | अब अपने खाते ही गटागट पानी पी लिया और खूब ठंडा पानी पी लिया... और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते है.! अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी, वो बुझ गयी.! आग अगर बुझ गयी तो खाने की पचने की जो क्रिया है वो रुक गयी |

खाना जाने पर हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है, एक क्रिया है जिसको हम कहते हे "Digestion" और दूसरी है "fermentation".... *फर्मेंटेशन का मतलब है सडना और डायजेशन का मतलब है पचना.!*

आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी तो खाना पचेगा,
खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा.!
जो रस बनेगा तो उसी रस से मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र और अस्थि बनेगा और सबसे अंत में मेद बनेगा.!

*अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..?*

खाने के सड़ने पर सबसे पहला जहर जो बनता है वो है यूरिक एसिड (uric acid) | कई बार आप डॉक्टर के पास जाकर कहते हैं कि मुझे घुटने में दर्द हो रहा है, मुझे कंधे-कमर में दर्द हो रहा है तो डॉक्टर कहेगा आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है |

*जब खाना सड़ता है, तो यूरिक एसिड जैसा ही एक दूसरा विष बनता है जिसको हम कहते हे LDL (Low Density Lipoprotive) माने खराब कोलेस्ट्रोल (cholesterol)*

जब आप ब्लड प्रेशर (BP) चैक कराने डॉक्टर के पास जाते हैं तो वो आपको कहता है (HIGH BP)
आप पूछोगे... कारण बताओ.? तो वो कहेगा कोलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है |

इससे भी ज्यादा खतरनाक एक  विष हे वो है.... VLDL (Very Low Density Lipoprotive) ये भी कोलेस्ट्रॉल जैसा ही विष है। अगर VLDL बहुत बढ़ गया तो आपको भगवान भी नहीं बचा सकता|

खाना सड़ने पर और जो जहर बनते हैं, उसमे एक ओर विष है जिसको अंग्रेजी में हम कहते हैं Triglycerides.!

जब भी डॉक्टर आपको कहे की आपका "triglycerides" बढ़ा हुआ हे तो समज लीजिए की आपके शरीर मे विष निर्माण हो रहा है |

*ये सभी विष तब बनते है, जब खाना सड़ता है |*

मतलब समझ लीजिए किसी का कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनिट मे ध्यान आना चाहिए कि खाना पच नहीं रहा है |

खाना पचने पर जो बनता है वो है....
मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र, अस्थि.! और खाना नहीं पचने पर बनता है यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, LDL-VLDL.!

पेट मे बनने वाला यही जहर जब ज्यादा बढ़कर खून में आते हैं तो खून दिल की नाड़ियो में से निकल नहीं पाता और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा जो खून में आया है इकट्ठा होता रहता है और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है जिसे आप *heart attack* कहते हैं.!

*महत्व की बात* : खाने को खाना नहीं, खाने को पचाना है | आपने क्या खाया, कितना खाया ? वो महत्व नहीं है.!

जब हम खाना खाते हैं तो जठराग्नि द्वारा सब एक दूसरे मे मिक्स होता है और फिर खाना पेस्ट मे बदलता हैं.! पेस्ट मे बदलने की क्रिया होने तक
1 घंटा 48 मिनट का समय लगता है ! उसके बाद जठराग्नि कम हो जाती है.! (बुझती तो नहीं लेकिन बहुत धीमी हो जाती है) पेस्ट बनने के बाद शरीर मे रस बनने की परिक्रिया शुरू होती है ! तब हमारे शरीर को पानी की जरूरत होती हैं। तब आप जितना इच्छा हो उतना पानी पिये.!

अब आप कहेंगे खाना खाने के पहले कितने मिनट तक पानी पी सकते हैं.? *तो खाना खाने के 45 मिनट पहले तक आप पानी पी सकते हैं !*

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