Monday, 27 February 2017

लीवर व गुर्दे /
किडनी के रोगो मे
चमत्कारी औषधि।
भूमि आंवला PHYLLANTHUS NIRURI
लीवर व गुर्दे /किडनी के रोगो मे
चमत्कारी औषधि।
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यह एक छोटा सा पौधा है जो यकृत / लीवर व
गुर्दे /किडनी के रोगो मे चमत्कारी लाभ
करता है।
वैसे यह बरसात मे अपने आप उग जाता है परंतु छायादार
नमी वाले स्थानो पर पूरा साल मिलता है। इसके पत्ते
के नीचे छोटा सा फल लगता है जो देखने मे आंवले
जैसा ही दिखाई देता है। बरसात मे यह मिल जाए तो
इसे उखाड़ कर रख ले व छाया मे सूखा कर रख ले।
जड़ी बूटी की दुकान से
आसानी से मिल जाता है। मात्रा - आधा चम्मच चूर्ण
पानी के साथ दिन मे 2-4 बार तक। या
पानी मे उबाल कर छान कर भी दे सकते
हैं। ताजे का रस अधिक गुणकारी है
पीलिया किसी भी कारण से
हो चाहे पीलिया का रोगी मौत के मुंह मे
हो यह देने से बहुत अधिक लाभ होता है। अन्य दवाइयो के
साथ भी दे सकते (जैसे कुटकी/
रोहितक/भृंगराज) अकेले भी दे सकते हैं।
LIVER CIRRHOSIS जिसमे यकृत मे घाव हो जाते हैं यकृत
सिकुड़ जाता है उसमे भी बहुत लाभ करता है।
Fatty LIVER जिसमे यकृत मे सूजन आ जाती है
पर बहुत लाभ करता है।
गुर्दे मे SERUM CREATININ बढ़ गया हो, पेशाब मे
इन्फेक्शन हो बहुत लाभ करेगा।
इसका कोई साइडेफेक्ट नहीं है
लीवर व किडनी के रोगी को
खाने मे घी तेल मिर्च खटाई व सभी दाले
बंद कर देनी चाहिए। मूंग की दाल कम
मात्रा मे ले सकते हैं। मिर्च के लिए कम मात्र मे
काली मिर्च व खटाई के लिए अनारदाना प्रयोग करना
चाहिए।
भोजन मे चावल का अधिक प्रयोग करना चाहिए
हरे नारियल का पानी बहुत अच्छा है।
भोजन –
1- सभी किस्म की दाले बंद कर दे।
केवल मूंग बिना छिलके की दाल ले सकते।
2-लाल मिर्च, हरी मिर्च, अमचूर,
इमली, गरम मसाला और पैकेट का नमक बंद कर दे।
3- सैंधा नमक और काली मिर्च का प्रयोग करे
बहुत कम मात्रा मे।
4- यदि खटाई की इच्छा हो खट्टा सूखा अनारदाना
प्रयोग करे।
5- प्रतिदिन लगभग 50 ग्राम किशमिश/दाख/ मुनक्का (सूखा
अंगूर) , खजूर व सुखी अंजीर
पानी मे धो कर खिलाए।
6- चावल उबालते समय जो पानी (माँड़) निकलता है
वह ले। वह स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है।
7- गेहू का दलिया, लौकी की
सब्जी, परवल की सब्जी दे
8- भिंडी, घुइया (अरबी), कटहल आदि
न खाए।
9- सफ़ेद पेठा (कूष्माण्ड जिसकी मिठाई बनाई
जाती है) वह मिले तो उसका रस पिए व
उसकी सब्जी खाए। पीले रंग
का पेठा जिसे काशीफल या सीताफल
कहते हैं वह न खाए ।
श्री राजीव दीक्षित जी
दीपक खण्डेलवाल

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