Sunday, 26 February 2017

जोड़ो के दर्द का इलाज / joint pain treatment

हर प्रकार के दर्द का इलाज़ है ये आयुर्वेदिक नुस्खे

शरीर के किसी भी अंग में दर्द होना आधुनिक जीवनशैली का परिणाम है। किसी भी अंग में तकलीफ होने पर रोगी को भयानक दर्द होने लगता है। यदि आप किसी भी प्रकार के दर्द के शिकार हैं तो करें दर्द निवारण में मददगार कुछ विशेष चीजों का सेवन करें और घरेलू नुस्खों का उपयोग करें। ये आपकी सेहत की रक्षा करेंगे, बल्कि हर तरह के दर्द में औषधि की तरह काम करेंगे, जबकि ऐलोपेथिक दवा लेने पर कई तरह के रिएक्शन हो सकते हैं। चलिए आज जानते हैं कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिन्हें खाने और लगाने पर दर्द गायब हो जाता है।

1. सोंठ और अदरक एक ही चीज दो रूप हैं। गीले रूप में यह अदरक कहलाता है। सूखने पर यही सोंठ हो जाती है। अदरक और सोंठ का उपयोग मसालों और घरेलू दवाओं के रूप में भी व्यापक रूप से किया जाता है। यह वात रोगों की सबसे अच्छी औषधि है। यदि शरीर के किसी भी अंग में दर्द हो तो थोड़ा सा सौंठ का चूर्ण फांक लें। दर्द से तुरंत राहत मिल जाएगी।

2. मेथी गैस व कफ दोनों को ही मिटाने वाली औषधि की तरह कार्य करती है। रोजाना 5 ग्राम मेथी का चूर्ण सुबह-शाम खाने से वात रोग दूर हो जाते हैं। मेथी व सोंठ को समान मात्रा में मिलाकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें, इस चूर्ण को 5-5 ग्राम की मात्रा में गुड़ मिलाकर सुबह शाम खाने से गठिया व जोड़ो के दर्द से छुटकारा मिलता है।

3. जायफल के तेल को सरसों के तेल में मिलाकर जोड़ों की पुरानी सूजन पर मालिश करने से लाभ मिलता है। यह संधिवात के कारण अकड़े हुए संधि-स्थल को खोलता है। जिससे जोड़ों के दर्द से राहत मिलती है। जायफल का चूर्ण शहद के साथ सेवन करने से जोड़ों का दर्द दूर होता है। जायफल को बकरी के दूध में घिसकर उसे थोड़ा गर्म कर लेप करने से सिरदर्द, सिर का भारीपन व जुकाम ठीक हो जाता है।

4. गठिया के दर्द में गाजर बहुत उपयोगी है। इसे उबाल कर भी खाया जा सकता है, लेकिन कच्चे गाजर का रस अधिक लाभप्रद होता है। कच्चा गाजर खाने से शरीर को अधिक पोषण मिलता है। रोजाना गाजर का रस पीने से जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है। इसमें आंवले का रस मिला लेने पर ये अधिक गुणकारी हो जाता है।

5. किसी भी तरह का दर्द हो लहसुन के रस के प्रभाव से यूरिक एसिड गलकर तरल रूप में मूत्रमार्ग से बाहर निकल जाता है। इसलिए यह गठिया और संधिवात आदि रोगों में गुणकारी है। लहसुन से पेटदर्द, गठिया, गले के दोष आदि में भी औषधि की तरह काम करता है। दूध और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर लहसुन और वायव डिंग को उसमें उबालें। जब पानी जल जाए तो दूध को उतार लें, इसे छानकर ठंडा होने पर पिएं। इससे मांसपेशियां मजबूत होती है। लहसुन व उड़द के बड़े बनाकर तिल के तेल में तल कर खाने से संधिवात और अन्य बीमारियों में राहत मिलती है।

6. हल्दी में विटामिन ए, बी व सी मिलता है। यह गठिया, कुष्ठ, जुकाम व त्वचा के रोगों की चमत्कारिक घरेलू औषधि है। सूजन और हड्डी की टूटन को भी ठीक कर सकती है। हल्दी, चूना और शहद समान मात्रा में लेकर तीनों को अच्छी तरह मिलाकर दर्द के स्थान पर लगाने से गठिया की सूजन दूर होती है। हल्दी के पत्तों को सेककर बांधने से गठिया की सूजन और दर्द दूर होता है।

7. कैसा भी जोड़ो का दर्द हो अगर उस पर अजवाइन का तेल बनाकर लगाया जाए तो दर्द में बहुत जल्दी राहत मिलती है। 10 ग्राम अजवाइन का तेल 10 ग्राम पिपरमेंट और 20 ग्राम कपूर तीनोंं को मिलाकर एक बोतल में भर दें। कमरदर्द या पसलीदर्द, सिरदर्द आदि में तुरंत लाभ पहुंचाने वाली औषधि है। इसकी कुछ बूंदे मलिए, दर्द छूमंतर हो जाएगा। अजवाइन के तेल की मालिश करने से जोड़ों का दर्द तथा शरीर के अन्य भागों पर भी मलने से दर्द में राहत मिलती है। रोज थोड़ी सी अजवाइन खाने से जोड़ों का दर्द दूर हो जाता है।

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